जीवन
परिचय
- · जन्म: 21 अगस्त, 1935 जोधपुर
- · पिता : स्व. सेठ श्री भीकम दास परिहार
- · माता : स्व. श्रीमती छीनिया देवी
- · पत्नी: श्रीमती शांति देवी
- · पुत्र: चंद्रशेखर, सुनील
- · पुत्री: प्रेरणा
- · शिक्षा: स्नातक (कॉमर्स) महाराज कुमार कॉलेज से
व्यापारिक
क्षेत्र:
- · मै. रामबगस भीकमदास परिहार में अनाज, गुड़, शक्कर का थोक व्यापार किया।
- · ऊन मील एवं ग्वार-गम उद्योग हेतु देशी विदेशी संस्थाओं से संपर्क किया।
- · किसानों की समस्या के निराकरण हेतु नगरपालिका का 'सीवेज फार्म' लीज पर लिया।
- · उद्यान विभाग का कूड़ी में कृषि फार्म लिया वह खेती का काम किया।
- · माणकलाव एवं रामपुरा मथानिया में कृषि फार्म खरीद कर खेती का कार्य किया।
- · आप में उद्यमशीलता होने के कारण अपने दो पुत्रों चंद्रशेखर परिहार एवं सुनील परिहार को प्रेरित कर 'खनिज परिष्करण' की इकाई स्थापित की तथा जोधपुर बाड़मेर में इसकी 4 इकाइयां स्थापित करवाई।
- · खाद्य परिष्करण की बोरानाडा फ़ूड पार्क एवं स्पाइस पार्क में उद्योग लगाकर 'जग शांति ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज' की स्थापना की।
राजनीति
क्षेत्र
- · गांधी जी से प्रभावित होकर सामंती एवं सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध संघर्ष एवं आंदोलन में हिस्सा लिया।
- · 1952 के विधानसभा चुनाव से ही सक्रिय कार्य प्रारंभ किया व वर्ष 1956 में नगरपालिका का चुनाव लड़ा।
- · 1964 में कपड़ा बाज़ार ब्लॉक कांग्रेस के सचिव बने।
- · कांग्रेस पार्टी में रहते हुए युवा कांग्रेस के 1962 में प्रथम संयोजक बने।
- · कांग्रेस पार्टी में लगातार कार्य करने पर 1972 में जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव बने।
- · 1975 भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की राजस्थान में स्थापना हेतु प्रयास किया। कमेटी के मार्गदर्शक रहते हुए राज्य के प्रथम संगठन के अध्यक्ष हेतु अशोक गहलोत को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- · सन 1977 में कांग्रेस पार्टी छोड़ जगजीवन राम जी के साथ 'कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी' पार्टी ग्रहण की।
- · 1980 में चौधरी चरण सिंह एवं नाथूराम मिर्धा की पार्टी 'दलित मजदूर किसान पार्टी' में शामिल होते हुए ओसियां विधानसभा से चुनाव लड़ा।
- · इस पार्टी का विलय होते हुए जनता दल की स्थापना हुई एवं जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष बनकर 2 वर्षों तक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए वर्ष 1987 में राजनीति से सन्यास लिया।
सामाजिक
क्षेत्र :
- · जयपुर अलवर झुंझुनू सीकर भरतपुर सवाई माधोपुर अजमेर कोटा बूंदी 12 जालौर सिरोही पाली नागौर बीकानेर इत्यादि जिलों में युवाओं के संगठनों को बनाया।
- · पुष्कर में राजस्थान प्रदेश माली महासभा के गठन में सहयोग किया।
- · राज्य भर में सम्मेलनों के माध्यम से शिक्षा के जागरण एवं ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए विभिन्न जिलों में छात्रावासों की स्थापना करवाई।
- · 1970 के दशक में मंडोर, मगरा, पूंजला, सूरसागर में स्कूलों को क्रमोन्नत करवाने, विज्ञान विषय खुलवाने एवं नए सरकारी स्कूलों को खुलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पद
:
- · वर्ष 1970 से 75 तक वैदिक कन्या पाठशाला के संचालन समिति के अध्यक्ष।
- · उम्मेद कन्या पाठशाला के सलाहकार।
- · श्री सुमेर उच्च माध्यमिक विद्यालय के संचालन कार्यकारिणी सदस्य।
- · सेठ भीकम दास परिहार शिक्षा सेवा सदन ट्रस्ट की स्थापना व सन 1993 से ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष।
अन्य
क्षेत्र
·
माली समाज की जिला स्तरीय प्रथम खेलकूद
प्रतियोगिता 1970 के
दशक में आयोजित करवाई।
·
जोधपुर में राष्ट्रीय स्तरीय 'अखिल भारतीय रघुनाथ दास परिहार गोल्ड
कप' फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन करवाया।
·
प्रदेश स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता करवाई।
·
बचपन से ही आर्य समाज से जुड़े रहकर इन से
संचालित कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई।
·
दलित वर्ग को प्रोत्साहित करने हेतु हरिजन
पुत्र को दत्तक पुत्र बनाया एवं अपने पुत्रों व पुत्री को दलित बाहुल्य क्षेत्र रातानाडा
एवं पाबूपुरा स्कूल में पढ़ा कर सामाजिक समरसता के भाव अपने परिवार एवं समाज में
प्रेषित करवाएं।
स्वर्गवास: 18.3.2018
स्वर्गवास: 18.3.2018

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें